about धारा का उष्मीय प्रभाव/टंगस्टन/नाइक्रोम/आयरन/Iron/Tubelight/प्रतिदिव्पति नलिका /फ्यूज/from basic/for 10th/12th/ssc/railway/defence/other exam./physics-72

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➤धारा का उष्मीय प्रभाव-


1) टंगस्टन-




यह कम ऊष्मा तथा अधिक पकाश देता है। इसका प्रतिरोध तथा गलनांक दोनों ही उच्च रहता है। 

टंगस्टन का प्रयोग बल्ब तथा tubelight में करते है। 

बल्ब के फिलामेंट को गोल coil के रूप में लगाया जाता है। जिसे लम्बाई बढ़ जाता है, जिस कारण प्रतिरोध बढ़ जाता है। 

2) नाइक्रोम-


यह अधिक ऊष्मा तथा कम प्रकाश देता है। इसका प्रतिरोध तथा गलनांक दोनों ही उच्च होता है।
इसका प्रयोग हीटर में करते है। 

3) आयरन ( Iron)-




इसका निचला भाग एस्वेस्टस का बना होता है, जिसके ऊपर अभ्र्क के चादर से ढकी हुई नाइक्रोम की तार होती है। अभ्र्क नाइक्रोम की ऊष्मा को एस्वेस्ट्स तक भेज देता है किन्तु धारा को नहीं भेजता है। 
Iron (प्रेस) का बाहरी भाग बैकेलाइट का बना होता है। ( Handle)

4) Tubelight/प्रतिदिव्पति नलिका -


इसके दोनों सिरों पर टंगस्टन का तार होता है। जिसके आगे वेरियम पारा-ऑक्साइड की लेप लगी होती हैं। 

जब विधुत प्रवाहित किया जाता है तो टंगस्टन गर्म होता है और वह वेरियम पारा-ऑक्साइड से एलेक्ट्रॉन निकाल देता हैं। 

जब ये एलेक्ट्रॉन tube में भरे पारा/आर्गन से टकराता है तो पराबैगनी किरणे उतपन्न करता है। यह पराबैगनी किरणे प्रतिदिवप्ति शील लेप से टकराती है तो प्रकाश उतपन्न करती है। 

4) फ्यूज-

यह परिपथ को शार्ट किरकिट से बचाता है अथार्त सुरक्षा प्रदान करता है। यह धारा के उष्मीय प्रभाव पर आधारित हैं। 

इसका प्रतिरोध उच्च तथा गलनांक निम्न होता है। इसे श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है। 

इसे लोड, लाइव, या मेन वायर में जोड़ा जाता है। 

फ्यूज तार सीसा तथा टिन ( Sn ➕ Pb ) का बना होता है। इसमें 37 % 

सीसा, 63 % टिन होता है। 

फ्यूज की क्षमता को एम्पियर में मापा जाता है। 




By Prashant

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