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संवेग(momentum) - 

द्रव्यमान  तथा  वेग  के  गुणनफल  को  संवेग  कहते  है।  
 
 यह  सदिश  राशि  है।  इसका  विमा  [𝐌𝐋𝐓⁻¹]

   momentum (P) = 𝐦 .𝐯  
 
  =  𝐤𝐠 ✖ 𝐦 ➗ 𝐬
 
   =  𝒌𝒈𝒎∕𝒔


आवेग (Impulse) - 


जब बहुत बड़ा बल बहुत छोटे समय के लिए किसी वस्तु पर कार्य 

करता है तो उसे आवेग कहते है।  यह सदिश राशि है।  इसका विमा [𝐌𝐋𝐓⁻¹]
     
 आवेग = बल ✖ समय

  = 𝐤𝐠✖𝒎➗𝒔²𝒔
   
= 𝒌𝒈𝒎∕𝒔

 जैंसे - कैच लेते समय खिलाड़ी को चोट लगना , अचानक गिरने पर 

हहडी का टूट जाना , सर्कश में कई ईटो को एक बार में तोर देना , 

अचानक ब्रेकर पर तेजी से गारी ले जाने पर झटका लगना। 

आवेग तथा संवेग में संबंध - इन दोनों का मात्रा तथा विमा समान होता है।  

आवेग = बल ✖ समय  = 𝐦𝐚 ✖ 𝐭  = 𝐦 (𝐯₂- 𝐯₁ ) ➗ t  t 

आवेग = 𝐦𝐯₂ - 𝐦𝐯₁ 

आवेग = संवेग परिवर्तन की दर 

संवेग सरक्षण का नियम - यह Newton के तीसरे नियम पर आधारित है।  

टककर के पहले का संवेग तथा टककर के बाद के संवेग के बराबर  है-    

 𝐦₁𝐯₁ = 𝐦₂𝐯₂ 

नोट - Rocket रखिये संवेग सरक्षण पर आधारित है।  

जैसे - नदी में छलांग लगाते समय गोताखोर अपना शरीर सिकोर लेता है 

ताकि उसका कोनिये संवेग बढ़ सके।  


  ➤  अभिकेंद्र बल(centripetal force) -



 किसी वस्तु को वृतिये पथ पर घूमने के लिए एक बल की आवश्यकता 

होती है , जिसे अभिकेंद्र बल कहते है।

यदि अभिकेंद्र बल का मान कम होगा तो वस्तु वृतीय पथ पर नहीं घूम पायेगी।

अभिकेंद्र बल प्राप्त करने के लिए ही मोर पर सरक को घुमाओ के दिशा में झुका देते है।

पृथ्वी को सूर्य का चककर लगाने के लिए अभिकेंद्र बल गुरुत्वाकर्षण 

बल के माध्यम से मिलती है।

 𝑭 = 𝐦(𝐯)²➗𝐫  

𝑭 = 𝒎(𝐫𝛚)² ➗ 𝒓  

𝒎𝒓²𝝎²➗ 𝐫 

 𝐅= 𝐦𝐫𝛚² 

    ➤  अपकेंद्रीय बल(centrifugal force) - 




वैसा बल जो केंद से बाहर कार्य करता है , अपकेंद्रीय बल कहलाता  है।

अपकेंद्र बल के कारण  washing machine , मक्खन निकलना  आदि 

काम करती है।

वृतीय गति कर रहे किसी वस्तु का वेग स्पर्श रेखा की ओर कार्य कर 

रहा है जिस कारण रस्सी टूटने पर वस्तु स्पर्श रेखा की ओर चली जाती है।

वृतिय गति कर रहे किसी वस्तु का त्वरण केंद की ओर कार्य करता है 

जिस कारण अभिकेंद्र बल भी केंद की ओर कार्य करता है।


➤ क्रांति वेग(criticle velocity) - 

वह न्यूनतम वेग जिसे प्राप्त कर कोई वस्तु एक उधवाधार वृतिये पथ 

पर चककर पूरा कर ले क्रांति वेग कहलाता है।
          
 क्रान्ति वेग(𝐕𝒄) = √𝗿𝗴




By Prashant




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