Click here for Biology ➤ ध्वनि की चाल को प्रभाव करने वाली कारक - 1) दाब (Pressure)- दाब से ध्वनि के चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता हैं। 2) अणुभार - अणुभार तथा ध्वनि चाल में बयुक्तकरामानुपाती सम्बन्ध रहता हैं। V ∝ 1 ➗ √M V₁ ➗ V₂ = √M₂➗√M₁ जहा- M = अणुभार , V = चाल भारी गैस में ध्वनि की चाल कम होगी इसी कारण कोहरे में ध्वनि की चाल घट जाती हैं। हल्की गैस में ध्वनि की चाल अधिक होगी। सबसे हल्की गैस हाइड्रोजन है अथार्त इस गैस में ध्वनि की चाल सर्वाधिक होगी। 3) तापमान - तापमान तथा ध्वनि के चाल में समानुपाती सम्बन्ध होता हैं। V ∝ √T V₁ ➗ V₂ = √T₁➗√T₂ जहा- V = वेग, T = ताप नोट- 1℃ तापमान बढ़ने से ध्वनि की चाल 0.62 m/s की वृद्धि हो जाती हैं। 4) आद्रर्ता - आद्रर्ता तथा ध्वनि की चाल में सीधा सम्बन्ध होता है अथार्त आद्रर्ता बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती हैं। यही कारण है की बरसात के बाद ध्वनि की चाल बढ़ जाती हैं। 5) प्रत्यास्थता (Elasticity)- प्रत्यास्थता का ध्वनि के वेग पर सीधा प्रभाव पड़ता हैं। प्रत्यास्थता बढ़न...
Click here for Biology अभिकेंद्र बल(centripetal force) - किसी वस्तु को वृतिये पथ पर घूमने के लिए एक बलकी आवश्यकता होती है , जिसे अभिकेंद्र बल कहते है। यदि अभिकेंद्र बल का मान कम होगा तो वस्तु वृतीय पथ पर नहीं घूम पायेगी। अभिकेंद्र बल प्राप्त करने के लिए ही मोर पर सरक को घुमाओ के दिशा में झुका देते है। पृथ्वी को सूर्य का चककर लगाने के लिए अभिकेंद्र बल गुरुत्वाकर्षण बल के माध्यम से मिलती है। 𝑭 = 𝐦(𝐯)²➗𝐫 , 𝑭 = 𝒎(𝐫𝛚)² ➗ 𝒓 = 𝒎 𝒓² 𝝎²➗ 𝐫 𝐅= 𝐦𝐫𝛚² अपकेंद्रीय बल(centrifugal force) - वैसा बल जो केंद से बाहर कार्य करता है , अपकेंद्रीय बल कहलाता है। अपकेंद्र बल के कारण washing machine , मक्खन निकलना आदि काम करती है। वृतीय गति कर रहे कि...
गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध गति - जब हम पृथ्वी सतह को छोड़कर ऊपर हवा में गति करते है तो वह गति गुरुत्वाकर्षण के आधीन आती है। गुरुत्वी गति में गुरुत्वीय त्वरण 𝓖 कम करता है। 𝓖 का value 9.8 m/s² होता है। जब हम पृथ्वी सतह से ऊपर की ओर जाते है तो 𝓖 का मान ऋणात्मक(-ve ) होता है और जब हम ऊपर से निचे की ओर गति करते है तो 𝓖 का मान धनात्मक(➕ve) होता है। इस स्थिति में गति का समीकरण - १) 𝙫 = 𝙪 ➕𝙜𝙩 २) 𝙨 = 𝙪𝙩 ➕ 1 ➗ 2 𝙜𝙩² ३) 𝙫² = 𝙪²➕ 2 𝙜𝙨, जहा 𝘀 = दुरी By Prashant Click here for Biology
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