about Shell/सेल/प्राथमिक सेल का उदहारण/वोल्टीय सेल/डनियल सेल/लेकलाये सेल/शुष्क सेल/द्वितीयक सेल/आंतरिक प्रतिरोध/बैट्री/बैट्री का श्रेणी क्रम समायोजन/बैट्री का समानांतर क्रम समायोजन/from basic/physics-75

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➤ Shell (सेल )-




यह रसायनिक ऊर्जा को विधुत ऊर्जा में बदलता है। 
यह दो प्रकार का होता है- 

1) प्राथमिक सेल    2) द्वितीयक सेल 

➤  प्राथमिक सेल का उदहारण-

1) वोल्टीय सेल-

सर्वप्रथम इसे वोल्टा नामक विद्वान ने बनाया था और रसायनिक ऊर्जा से विधुत वाहक बल उतपन्न किया था। 

इसमें इलेक्ट्रोलाइट (Liquid) के रूप में H₂SO₄ का उपयोग करते है तथा एनोड के लिए जस्ता (जिंक) तथा कैथोड के लिए ताम्बा का प्रयोग करते है। इसमें 1.08 V का Current उतपन्न होता है। यह आकार में बहुत बड़ा होने के कारण इसका समान्य प्रयोग नहीं किया जाता है। 

2) डनियल सेल-

इसमें कैथोड के रूप में ताम्बा का बेलनाकार प्लेट का उपयोग होता है। इसमें Electrolight ( Liquid ) के रूप में कॉपर सल्फेट का प्रयोग होता है। इसमें 1.1 V का इलेक्ट्रो मोटिभ फ़ोर्स उप्तन्न होता है। 

3) लेकलाये सेल-

इसमें इलेक्ट्रो-लाइट के रूप में अमोनिया क्लोराइड का उपयोग होता हैं। 
कैथोड के रूप में कार्बन छड़ का तथा एनोड के रूप में जस्ता का प्रयोग होता है और विधुवक के रूप में MgO₂ का उपयोग होता है। इसका इलेक्ट्रो मोटिभ फ़ोर्स 1.4 V होता है। 

4) शुष्क सेल-

यह लेक्लांशे सेल का ही सुधरा रूप है। इसका आकार बेलनाकार होता है जो जस्ता का बना होता है तथा एनोड का कार्य करती है। इसके बिच में कार्बन की एक छर होती है जो कैथोड का कार्य करती है। 
इसका प्रयोग सर्वाधिक होता है, क्योकि यह परिवहन में आसान होता है। 

➤ द्वितीयक सेल- 

इसे पुनः चार्ज किया जा सकता है क्योकि यह आवेशों को संचित कर लेता है। 

➤ आंतरिक प्रतिरोध-

किसी बैटरी के अंदर धारा के विरोध करने का गुण होता है, इस गुण को ही आंतरिक प्रतिरोध कहते है। 

जब सेल के बिच की दुरी बढ़ती है, तो आंतरिक प्रतिरोध बढ़ जाता है तथा बैटरी में डाले गए द्रव यदि गाढ़ा होगा तो आंतरिक प्रतिरोध बढ़ जायेगा। 
इसलिए बैट्री के आंतरिक प्रतिरोध घटाने के लिए इसमें आशुत जल ( Distill Water ) मिला देते हैं। 

➤ बैट्री-




कई सेलो को जोड़ने से बैट्री बनता है। 
बैट्री में सेलो का समायोजन दो तरह से होता है- 

1) बैट्री का श्रेणी क्रम समायोजन-

जब सेल का आंतरिक प्रतिरोध बहुत कम रहता है तो उन्हें श्रेणी क्रम में लगाते है। 
इस क्रम में धारा- 

I  = nE ➗ nr + R , जहां -

n = सेलो की नंबर , E = इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फ़ोर्स, r = आंतरिक प्रतिरोध, R = वाहये प्रतिरोध 


2) बैट्री का समानांतर क्रम समायोजन-

जब सेलो का आंतरिक प्रतिरोध अधिक हो अथार्त दशमलव में न हो तो उन्हें समानांतर क्रम में जोरते है। 

I = nE ➗ nR + r , जहां- I = धारा





By Prashant

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